Lok Sabha Election 2024: BJP काट सकती है का टिकट

Lok Sabha Election 2024 में बीजेपी को ओपनियन पोल और सर्वे के अनुसार गुजरात में इस बार भी अपनी जीत दिखाई दे रही है | सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार पार्टी को 26 में से 26 सीटें मिलती नज़र आ रही है, लेकिन फिर भी पार्टी अपने सबसे मजबूत जिले में दांव लगाने को तैयार नहीं है; इसका मतलब वह अपने मजबूत दावेदारी वाले क्षेत्र में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। इसलिए पार्टी इस बारे में नए दृष्टिकोण से काम कर रही है।

निःसंदेह; गुजरात में बीजेपी की राजनितिक और सामाजिक तौर पे अच्छी पकड़ है, जिसमे लोगो को कोई शक नहीं है | इस अभेद्य किले में तीसरी जीत हासिल करने के लिए बीजेपी नई योजना लेकर आ रही है. पार्टी आलाकमान I.N.D.I.A के प्रभावों का मूल्यांकन कर रहा है, कि इसके गठबंधन से क्या हमारे राजनितिक करियर पे कोई प्रभाव तो नहीं पड़ेगा। गुजरात में Lok Sabha Election 2024 की 26 सीटें हैं; जिसमे 2019 और 2014 के चुनाव में पार्टी ने सभी सीटे जीतकर सबको चौंका दिया था |

कांग्रेस पार्टी एक भी सीट अपने नाम नहीं कर पाई. पार्टी अब अपना प्रदर्शन बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसी जीत के लिए पार्टी नए दृष्टिकोण से विचार कर रही है। इस वजह से राज्य में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच संभावित गठबंधन को देखते हुए बीजेपी ने अपनी सतर्कता का स्तर बढ़ा दिया है. इसके चलते आने वाले दिनों में पार्टी में अहम बदलाव होने की संभावना है। जहां पार्टी नए तरीके से फेरबदल कर सकती है। इसके अलावा, पार्टी के पास 2024 में 26 में से 26 सीटें जीतने के लिए वर्तमान सांसदों के टिकट बड़े पैमाने पर काटने का विकल्प भी है।

Lok Sabha Election 2024: बीजेपी की तरफ से गुजरात चुनाव में नए चेहरे उतरने की उम्मीद

2024 में चुनाव के लिए 12 से अधिक Lok Sabha Election 2024 सीटों पर पार्टी नई प्रतिभाओं को मौका दे सकती है। पार्टी पहले भी अपनी चुनावी रणनीति के अनुसार बार-बार उम्मीदवार बदलती रही है। पार्टी ने कई बार सांसदों के टिकट काट कर उन्हें नई जिम्मेदारियाँ सौंपी है, जो उन्हें सरकार के भीतर नई भूमिकाएँ दे सकता है। सूत्रों की मानें तो किन सीटों पर क्या I.N.D.I.A गठबंधन से चीजें बदल सकती हैं? क्या वाकई में यह गठबंधन हमारी पार्टी पे कोई प्रभाव डालेगा; इस पर शोध किया जा रहा है | इसके लिए पार्टी अपने स्तर पर योजना भी बना रही है. पार्टी के अंदर कलह एक समस्या है, लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि सितंबर आते-आते सब ठीक हो जाएगा। पार्टी का उच्च नेतृत्व राज्य इकाई में कुछ अहम बदलाव कर सकता है|

NITI Aayog द्वारा जारी समृद्ध जिलों कि सूची: राजकोट सबसे आगे

Bilkis Bano Rape Case में आरोपियों को क्यों रिहा किया गया?

I.N.D.I.A के गठबंधन पे पार्टी का आंतरिक विचार

प्रतिद्वंदी I.N.D.I.A के गठबंधन से पहले गुजरात बीजेपी के अध्यक्ष पाटिल 5 लाख वोटों की बढ़त के साथ सभी 26 सीटें जीतने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन पार्टी में आंतरिक विवादों के कारण पाटिल कुछ हद तक खामोश और शांत हो गए हैं. अंदरूनी घेरे में गठबंधन कितना नुकसान पहुंचा सकता है? इसका मूल्यांकन किया जा रहा है. कांग्रेस पार्टी गुजरात में 19 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और AAP छह सीटों पर चुनावी दाँव खेलना चाहेगी, और ये चुनावी दाँव इसीलिए खेला जा रहा है क्योंकि दोनों में से किसी भी पार्टी के पास कोई सीट नहीं है.

ऐसे में बीजेपी को सभी 26 सीटें बरकरार रखनी होंगी. इस परिस्थिति को देखते हुए पार्टी फिलहाल नए सिरे से विचार-विमर्श कर रही है। चर्चा है कि 12 से 15 सांसदों की राजनितिक करियर पर कैंची चल सकती है. इससे कई प्रभावशाली नेताओं की चुनावी राजनीति पर रोक लग सकती है. आदिवासी बेल्ट और उत्तरी गुजरात के संबंध में पार्टी अत्यधिक सतर्क है। पार्टी का मानना है कि इन क्षेत्रों में अति आत्मविश्वास का शिकार होने से गंभीर वित्तीय प्रभाव पड़ सकता है।

Leave a Comment