Gujarat Me Dhaarmik Yatra Pr Pathraav Pr Hua Bhari Vivaad 

गुजरात के खेड़ा इलाके में (शिव यात्रा) Dhaarmik Yatra Pr Pathraav करने के आरोप में पुलिस ने 15 लोगों को पकड़ा है। यह यात्रा 15 सितंबर को जिले के थसरा खंड में आयोजित की गई थी। पथराव से तीन पुलिस अधिकारी और तीन आम नागरिक घायल हो गए। पिछले साल गरबा कार्यक्रम के दौरान सामने आई पत्थरबाजी की घटना भी इसी स्थान खेड़ा में हुई थी।

एक रिपोर्ट के अनुसार, Dhaarmik Yatra Pr Pathraav के परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र में सुरक्षा उपाय मजबूत कर दिए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस मौजूद है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर फ्लैग मार्च को रोका। इसके अलावा पुलिस ने विभिन्न इलाकों में गश्त भी बढ़ा दी है।

Dhaarmik Yatra Pr Pathraav

पुलिस इस घटना की जांच कर रही है कि उपद्रव करने वाले किसने शुरू किए, पत्थर कहां से आए और क्या पहले से किसी तरह की योजना बनाई गई थी। स्थानीय मीडिया आउटलेट्स का दावा है कि खेड़ा एसपी राजेश गढ़िया, डीएसपी वी.आर. सूचना मिलते ही बाजपेयी और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गये। सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो वायरल हो गया है।

पत्रकारों को एसपी राजेश गढ़िया ने बताया कि यह शोभा यात्रा प्रतिवर्ष निकाली जाती है। इस बार यात्रा में 700 से 800 प्रतिभागी शामिल थे। यात्रा जब तीन बत्ती इलाके में पहुंची तो कई लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। एसपी के मुताबिक पुलिस ने तुरंत स्थिति पर काबू पा लिया।

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एसपी के मुताबिक क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए दोनों समुदाय के नेताओं से बातचीत की जा रही है। आरोपियों की तलाश के लिए फुटेज की जांच की जा रही है।

नूह की धार्मिक यात्रा में भी हुई थी हिंसा

कुछ समय पहले हरियाणा के नूंह में इसी शोभायात्रा के दौरान हिंसा भड़क गई थी। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने 31 जुलाई को मेवात क्षेत्र में “बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा” का आयोजन किया गया। युवाओं ने जलाभिषेक यात्रा में हस्तक्षेप किया। इसके बाद दोनों गुटों के बीच हिंसा भड़क उठी। साथ ही पथराव और आगजनी भी हुई।

इस हिंसा में कई पुलिस अधिकारियों को चोट आई थी। इसके बाद पूरे राज्य में काफी हिंसा हुई थी। पुलिस ने नूह मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें कांग्रेस नेता मामन खान और बिट्टू बजरंगी भी शामिल हैं। 12 सितंबर को हरियाणा पुलिस ने इसी अपराध के सिलसिले में मोनू मानेसर को भी हिरासत में लिया था। उसे राजस्थान पुलिस को सौंपा जाना था।

राजस्थान पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें आईटी अधिनियम के जमानती प्रावधानों के तहत हरियाणा पुलिस ने हिरासत में लिया था। भिवानी में नासिर और जुनैद की हत्या कथित तौर पर मोनू ने की थी। उन्हें मामले के प्राथमिक संदिग्ध के रूप में नामित किया गया है।

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